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Sunday, 24 November 2019

अल्लाह के नाम के अदब की कैसी बरकत(Hindi) story on discipline is the key to success

अल्लाह के नाम के अदब की कैसी बरकत(Hindi) story on discipline is the key to success
 story on discipline is the key to success
 story on discipline is the key to success

एक थे हवलदार ।
वह हरवक्त शराब में मस्त  रहते । गुनाहों में मशगूल रहते । उनकी जिंदगी अच्छी नहीं है। दीन के कोई अमल का उनकी जिंदगी में नामो निशान नहीं था ।

 एक मरतबा की बात है । वह शराब के नशे में कहीं जा रहे थे । रास्ते में उनकी नज़र एक कागज़ के टुकडे पर पडी । देखा तो उस टुकडे में अल्लाह का नाम लिखा हुआ था । यह देखकर उन्होंने सोचा . . . | ' अल्लाह का नाम !
और इस तरह रास्ते में ! अरे ये तो अल्लाह के नाम की बेअदबी है । यह सोच कर उस शराबी ने जल्दी से कागज़ का टुकडा उठा लिया । उसे अच्छी तरह साफ किया । फिर उसे चूम कर अपने सर पर रखा । उस के बाद इत्र लगा कर किसी ऊंची जगह में अदब से रख दिया ।

उस जमाने में हज़रत हसन बसरी रहमतुल्लाहि अलयहि नाम के एक बहुत बड़े बुजुर्ग थे । उनको रात को एक ख्वाब आया । ख्वाब में कोई उन्हें कह रहा  था . . . " जाओ , उस आदमी को जा कर कह दो के तुम ने अल्लाह के नाम की कद्र की , इज्जत की , अदब किया , उसे पाँव से उठा कर सर पर रख्खा । इसलिये उस की बरकत से अल्लाह तुम को भी बुलंद मरतबा अता फरमाोंगे ।

 फर्श से अर्श पर पहूंचाऐंगे ।   _ _ _ इतने में हसन बसरी की आंख खुल गई और  वह सोचने लगे . . . ' अरे ! जिस के बारे में मुजे ख्वाब  में खुशखबरी देने का हुकम हुआ है वह शराबी आदमी है।

आवारा इन्सान है । शायद मेरा ख्वाब सही  नहीं है । या मुज़ से कोई गलती हुई है ।


' यह सोच कर हज़रत हसन बसरी उस शराबी आदमी के पास नहीं गए । दूसरी रात फिर वैसा ही ख्वाब आया । इस रात भी हजरत हसन बसरी ने टाल मटोल से काम लिया और ख्वाब की तरफ ध्यान नहीं दिया ।

 तीसरी रात फिर से ख्वाब आया । अब हज़रत हसन बसरी रहमतुल्लाहि अलयहि को यकीन हो गया के ख्वाब सच्चा है । वह जल्दी से उस शराबी के घर पहूंचे और अपना पूरा ख्वाब सुनाया । साथ ही उसे बुलंद मरतबा मिलने की खुशखबरी भी दी ।

जब उस शराबी ने यह बशारत सुनी तो वह एकदम खुश हो गया । उसने फौरन अपने सारे गुनाहों से तौबा की । और नेक  कामों में मशगूल हो गए उनको रात फिर एक वक्त जैसा आया कि उनकी नेकी और उनकी परहेजगारी का डंका पूरी दुन्या में बजने लगा ।

 दुन्या के बड़े अवलिया अल्लाह में उनका शुमार होने लगा । जानते हो सिर्फ अल्लाह के नाम की अदब की लिये इतने बड़े बलीअल्लाह बनने वाले बह शराबी तबा हवालदार कौन थे ?


  बह थे हजरत बिस्र हाफी रहमतुल्लाहि अलयहि । और अल्लाह के नाम के अदब की कैसी बरकत । मिल गई बुलंद दरजे की विलायत ।


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